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बिहार एआई समिट 2026 में सम्राट चौधरी का बड़ा विजन, गंगा एक्सप्रेसवे से IT हब तक कई घोषणाएं

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पटना में आयोजित बिहार एआई समिट-2026 में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने AI आधारित बिहार का विजन पेश किया। कानून-व्यवस्था, IT हब, गंगा एक्सप्रेसवे, बिजली उत्पादन और उद्योग निवेश को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की गईं।

पटना/आलम की खबर: बिहार एआई समिट-2026 में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास, तकनीक, उद्योग और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा विजन पेश किया। राजधानी पटना के ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का है और बिहार अब तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि AI आने वाले वर्षों में पुलिसिंग, उद्योग, सरकारी योजनाओं की निगरानी और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पटना समेत कई शहरों में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और अब AI तकनीक की मदद से अपराधियों तक तेजी से पहुंचा जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी विशेष पहचान वाले व्यक्ति को खोजने का निर्देश AI सिस्टम को दिया जाए तो वह कुछ ही समय में संबंधित व्यक्ति को ट्रैक कर सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा किसी खास व्यक्ति की ओर नहीं था।

सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता। सरकार की प्राथमिकता केवल कानून का राज स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और यदि कोई अपराधी कानून को चुनौती देता है तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में “रूल ऑफ लॉ” कायम रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि AI का उपयोग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा। सरकारी विभागों में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई सरकारी टेंडरों और परियोजनाओं की जांच में AI आधारित सिस्टम के उपयोग से अनियमितताओं को रोकने और सरकारी धन बचाने में मदद मिली है। आने वाले समय में अधिकतर विभागों में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की योजना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने “सहयोग पोर्टल” को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा मंच विकसित किया जाए जहां बिहार और विदेशों में रहने वाले लोग राज्य के विकास और सांस्कृतिक विरासत को लेकर सुझाव दे सकें। सरकार चाहती है कि बिहार के विकास में आम लोगों, विशेषज्ञों और प्रवासी बिहारियों की भी भागीदारी हो।

सम्राट चौधरी ने प्रवासी बिहारियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि जो लोग देश और विदेश में सफलता हासिल कर चुके हैं, उन्हें अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरी के लिए पलायन करने वाले लोगों की चिंता करेगी, लेकिन आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को बिहार के लिए आगे आना चाहिए।

उद्योग और निवेश को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार का लक्ष्य राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग, IT हब और डेटा सेंटर विकसित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल फैक्ट्रियां लगाने पर नहीं बल्कि पूरी आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य का राजस्व लगातार बढ़ रहा है और इसे आने वाले वर्षों में और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

कार्यक्रम में सबसे बड़ी घोषणा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना का मौजूदा मरीन ड्राइव अब लगभग 125 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। करीब 19 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना को राज्य के लिए गेम चेंजर बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसे पीपीपी मॉडल पर अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे बनने से पटना समेत कई जिलों में व्यापार, परिवहन और पर्यटन को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही शहरी विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इसे बिहार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक बताया।

ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई अहम बातें कहीं। उन्होंने बताया कि बिहार फिलहाल लगभग 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहा है और अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का फोकस पावर सेक्टर में बड़े निवेश और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर है ताकि उद्योगों और आम लोगों को निर्बाध बिजली मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब डिजिटल और तकनीकी क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी आधारित उद्योग, IT पार्क और डेटा सेंटर को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है। सरकार चाहती है कि बिहार केवल श्रमिकों का राज्य नहीं बल्कि तकनीकी और औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बने।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार एआई समिट-2026 केवल तकनीकी कार्यक्रम नहीं बल्कि राज्य के भविष्य की नई दिशा तय करने वाला मंच बनकर सामने आया है। सरकार अब AI आधारित गवर्नेंस, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी निवेश के जरिए बिहार की नई पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।

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